Sunday, March 13, 2016

Manzil: Frustrated with husband and son Kavita Jadhav leaves home (Episode 635, 636 on 12th, 13th Mar, 2016)

मंज़िल 
The Destination



Middle aged Kavita (played by Pyumori Mehta) lives with her husband Ravi and son Ajay and she is the only earner at her home. Kavita is disappointed with her alcoholic husband and jobless son. His son even does not want to work and both the father and son are like liability for her. A morning Kavita leaves from her home for work and does not return.

At earlier stage her husband and son are not able to recognise that she has left the home but later when Ajay received sms from Kavita, they comes to know that she will not come back. Ajay receives two sms and both the time Kavita tells then that she has become frustrated and will never comeback to them.
Ravi and Ajay realises they somewhat Kavita was right. She was very disheartened with their irresponsible behaviour and living in a nutshell. Ravi raises a police complain about Kavita's missing but police tells them this is not a police case if a middle aged women left her home on her own but when on Ravi's request polcie starts investigation then they comes to know her mobile phone locations before her mobile went switched off. They calls her boss for questioning who was with Kavita for some hours when she left her office that day.

One week goes and during this Ravi gets a security guard job while Ajay starts working as a courier boy.

कविता अपने पति रवि और बेटे रवि के साथ रहती है। पति रवि एक शराबी व्यक्ति है जब की अजय गैर ज़िम्मेदार है। कविता ने कई बार कोशिश की कि अजय कोई नौकरी करे और इसके लिए उसने अजय का इंटरव्यू भी कराना चाहा मगर अजय कामचोरी की वजह से कोई इंटरव्यू देने ही नहीं गया। कविता बहुत परेशान रहती है की वो पूरे घर की ज़िम्मेदारी संभालती है जबकि उसका पति और बेटा अपनी अपनी दुनिया में मस्त रहते है और किसी काम में उसका हाथ नहीं बटाते। कविता उनलोगों को बोल चुकी है की एक दिन वो इन लोगों से तंग आकर घर छोड़ कर चली जाएगी मगर अजय, रवि उसकी बातों पर कोई गौर नहीं करते हैं।

एक सुबह कविता घर से निकलती है और शाम तक नहीं लौटती है। पति रवि नशे में धुत है और अजय भी उसके न आने को हलके में ले लेता है। कविता अगले दिन भी नहीं लौट के आती है और अजय के मोबाइल पे कविता का एसएमएस आता है की वो उनलोगों से तंग आ चुकी है घर छोड़ के निकल गयी है और अब वो कभी भी वापस नहीं आएगी। अजय जब उसके नंबर पे कॉल करता है तो उसका नंबर बंद सुनाई देता है। अगली सुबह अजय को फिर से मैसेज आता है की वो कभी भी घर लौट के नहीं आएगी। 

अब अजय और रवि को ये एहसास होता है की कविता काफी हद तक सही थी। वो उनलोगों से बहुत परेशान थी और ऐसे में उसका हक़ बनता है की वो घर छोड़ के चली जाए मगर ये बात उनको खाए जा रही है की कविता घर छोड़ कर ही गई है या उसके साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ है। दोनों बाप-बेटा पुलिस के पास जाते हैं और सारी बात बताते हैं। पुलिस का ये कहना है की एक एक अधेड़ उम्र की औरत खुद घर छोड़ के गयी है तो ये कोई पुलिस केस नहीं बनता है। मगर रवि के ये कहने पर की वो कविता के ऑफिस का नाम तक नहीं जानती है, पुलिस ये तय करती है की उनको कविता के बारे में पता करना चाहिए। 

पुलिस अपनी तफ्तीश की शुरुवात कविता के ऑफिस के जानने वालों से करती है और उसके बॉस को बुलाती है। पूछताछ के बाद बॉस को वापस जाने को बोलती है मगर दोबारा फिर कविता के बॉस को बुलाया जाता है जब पुलिस को कविता के फ़ोन रिकार्ड्स और फ़ोन लोकेशन में कुछ अटपटा दिखता है। 

एक हफ्ता बीत जाता है और इस बीच रवि एक जगह पे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और अजय एक कूरियर कंपनी में नौकरी कर लेता है।

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