Sunday, May 25, 2014

Kings and Pawns: Supari killing of Country Liquor Don Anand Pillai (Episode 372, 373, 374 on 23rd, 24th & 25th May 2014)

Kings and Pawns
बादशाह और प्यादे


During 1972, Anand Pillai was a watch mechanic and Venkatesh Nayar was his best friend. He was attracted by the trucks moving around a country liquor shop. Courageous Anand talks to the owner of shop Shashidharan. Shashidharan likes him and gives him job at her shop.

Time flows and Shashidharan anouces himself retiered and give entire responsibility to Anand. Anand Pillai is now key holder of the business. Anand gets marry to Parvati and later he blessed with three sons Govind, Arvind and Vasudev. Being a big don of the area he has become a arogant person. He fights with Venkat after which Venkat decides to do business alone.

After few years few more persons comes in the same business. One is Kasim Kureshi and other one is Jacob Kuruville. To teach them a lesson, Anand sends two of his guys to join Kasim and Jacob's business. Finally Anand succeeds in throwing them out of their area. Now he worrying after seeing Venkat's growing business.

Anand's eldest son Govind leaves his business because he has been targeted by enemies of her father Anand. He joins Kasim and Anand is really shocked to know this. Later Govind comes back to her father.

2006
Anand's youngest son Vasudevan is about to get marry and in this marriage Anand want to invite all of his earlier fellows. Kasim, Venkat and Jacob attends the marriage. After one week of marriage four persons comes to Anand's home and kills him.

सन 1972,
आनंद पिल्लई एक घड़ी मकैनिक था. वेंकटेश नायर आनंद का सबसे करीबी दोस्त था. गाँव के एक देशी शराब के ठेके के बहार आने वाली गाड़ियाँ आनंद को आकर्षित करती थी. हिम्मत कर के आनंद उस ठेके के मालिक शशिधरन से नौकरी के लिए बोलता है. शशिधरन को उसका आत्मविश्वास पसंद आता है और वो उसके अपने ठेके पर नौकरी दे देता है.

शशिधरन का विश्वास हासिल कर के वो शशिधरन का पूरा कारोबार सँभालने लगता है. समय बीतता है और आनंद पिल्लई की शादी पार्वती से होती है. अब आनंद के तीन बेटे हैं, गोविन्द, अरविन्द और वासुदेव. सारा कारोबार पाने के बाद आनंद काफी घमंडी भी हो जाता है और अपने सबसे जिगरी दोस्त वेंकट से भी झगडा कर लेता है.
Accused Santosh Kumar
or
Venkat Nayar

साल बीतते हैं और इस धंधे में और भी खिलाडी उतारते हैं. एक का नाम है कासिम कुरैशी और दूसरा है जैकब कुरुविल्ले. आनंद से ये प्रतिस्पर्धा सही नहीं जाती और वो अपने ख़ास आदमियों को उन दोनों के गिरोह में भेजता है मुखबिरी के लिए. आनंद जैकब और कासिम को अपने एरिया से निकलने में सफल होता है मगर वेंकट, जो की अपना कारोबार खुद शुरू कर चुका है, उसकी उन्नति देख कर आनंद चिंता में है.

आनंद का बड़ा बेटा गोविन्द आनंद से अलग हो जाता है क्यों की उस पर उसके पिता की दुश्मनियों को लेकर हमला हो चुका है. मगर आनंद को चौकाने वाली बात ये पता चलती है की गोविन्द ने कासिम के साथ काम करना शुरू कर दिया है मगर बाद में वो वापस भी आ जाता है.

सन 2006,
आनंद पिल्लई के छोटे बेटे वासुदेवन की शादी का समय आता है. वो इस शादी में अपने पुराने प्रतिद्वंदियों को भी बुलाता है. आनंद वेंकटेश नायर. कासिम कुरैशी, जैकब कुरुविल्ले की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहता है मगर इसी दौरान शादी के माहोल में एक सुपारी हत्या का साया भी मंडराता है. शादी के एक हफ्ते बाद चार हत्यारे आनंद पिल्लई के घर पहुच कर उसपर 6 गोलियां दागते हैं. आनंद की तुरंत मौत हो जाती है.

आनंद पिल्लई की हत्या उसी दिन (6 अप्रैल, 2006) हुई थी जिस दिन कोच्ची में भारत और इंग्लैंड का वन डे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच था. इस हत्या की वजह से पुलिस की सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई थी उस एरिया में.

Anand Pillai - V A Mohan aka Mithila Mohan
Venkat Nayar - Santosh Kumar
Adiraj - Sadanandam
Nagarajan - Thampi
Jacob - Martin
Kasim - Rafi
Govind - Manoj
Supari Killers - Pandayan, Madivanan and Uppali from Tamilnadu

The police has interrogated around 110 witnesses in the case.

YouTube:
Part 1: https://www.youtube.com/watch?v=I1RCXhn2cQ8
Part 2: https://www.youtube.com/watch?v=WiSASajOZQk
Part 3: http://www.youtube.com/watch?v=zRwDBad145w

SonyLiv:
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/thriller-ep-372-may-23-2014
Part 2: http://www.sonyliv.com/watch/thriller-ep-373-may-24-2014
Part 3: http://www.sonyliv.com/watch/thriller-ep-374-may-25-2014

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2014/05/mithila-mohan-murder-case-cracked-after.html


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