Monday, September 1, 2014

Banished: Boycotted kids forced to live in a graveyard near their parent's graves (Episode 411 on 31st Aug 2014)

Banished
बहिष्कृत


Four kids of a village in Varanasi are living in a graveyard near their parent’s graves. They has their own home still villages forced then to live there after death of their mother and father. Their real uncle is also responsible of their shifting to graveyard. Why they innocent kids are living there? What crime did they make, villagers boycotted them!

The incident comes into light when a block level government official Deepti who is related to population census, visits that village and observes that four kids who are alive but their names are not there in voter list. She comes to know that their parents died of AIDS and they are forced to live near their mother-father’s graveyard. Villagers threw then to graveyard because they are afraid of being caught by same disease. Villager thinks that this epidemic disease will spread over the entire village and everyone will die. Deepti is also shocked to know that those children never went through any medical test for HIV but villager directly boycotted them. Its just their thinking that their father-mother were HIV positive, so they will also be.

Deepti tells this story to her son Ashish who is a generalist. Ashish visits that village and meets those kids. Eldest kid Rehan explains him how they were boycotted by their uncle and villagers. Ashish publishes this news in a news paper. Everyone, including state government shocks to know the story.

बनारस के एक गाँव में चार बच्चे एक कब्रिस्तान में अपने माँ-बाप की कब्र के पास रहने को मजबूर हैं. उनको गाँव वालों से ज़बरदस्ती वहां पर रहने को मजबूर किया है जबकि उनका अपना घर है. उनको वहां भेजने के फैसले में उनके चाचा का भी हाथ है. आखिरकार वो लोग वहां क्यों रह रहे हैं? उन्होंने ऐसा क्या किया है की गाँव वालों ने उनको वहां रहने पर मजबूर कर दिया?

बात मीडिया और सरकार से सामने तब आती है जब उनके बार में एक ब्लाक लेवल की जनगणना से जुडी कार्यकर्ता दीप्ति उस गाँव में वोटर्स का विवरण लेने आती है. उसको पता चलता है की एक परिवार जिसमे माँ-बाप की मौत हो चुकी है, उनके चार बच्चे एक कब्रिस्तान में अपने अम्मी-अब्बू की कब्र के पास रहते हैं. वो जब पता करती है तो पता चलता है की उन लोगों के माँ-बाप की मौत एड्स की वजह से हुई थी. और इसी वजह से उनके बच्चों को भी गाँव वालों ने घर से निकल दिया गया क्यों की सबको डर था की ये खतरनाक बीमारी सारे गाँव में फ़ैल जाएगी और सबसे चौकाने वाली बात ये सामने आती है की इन बच्चों का कोई मेडिकल टेस्ट नहीं करवाया गया है और चूँकि उनके माँ-बाप को एड्स था, इस वजह से गाँव वालों को यकीन है की ये बीमारी माँ-बाप से बच्चों में भी आई ही होगी.
दीप्ति को ये जानने के बाद ताज्जुब होता है और वो ये बात अपने पत्रकार बेटे आशीष को बताती है. उसका बेटा उन बच्चों से मिलने जाता है और फिर उसके बाद एक आर्टिकल न्यूज़ पेपर में निकलता है. खबर मीडिया में आने के बाद हडकंप मच जाता है.

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.in/2014/09/crime-patrol-five-children-who-were.html


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