Saturday, March 14, 2015

Shrapit: Innocent kid Sumit goes missing and found dead (Episode 480, 482 on 13th, 14th March 2015)

Cursed
श्रापित



Pawri Naka, Bhekhati
Sumit Yadav is a 12 year old kid of Surendra and Anita who are daily wage earner. Sumit is an intelligent kid. A day suddenly Sumit goes missing. Surendra tries searching him everywhere but does not find any clue.

He raises a missing complain at polie station. Police activates their informers also and later Sumit's body recovers from an isolated place. Postmortem report reveals that multiple organs of Sumit are missing from the body and they were just taken away in a bad manner. Postmortem report also reveals that this case is not related to human organ traficking, because organs are taken out very badly. Police's next suspicion is Black Magic. Sumit might have gone through oblation process and died.

One of the informer tells police that Surendar went a Tantrik's home after cremation of sumit and that Tantrik's name is Baba Gufraan. When police asks surendra, he tells them that he was a devotee of Baba Gufraan because he cured him and his family many times. He also tells police that Baba loves kids and loves Sumit also.

When police start searching Gufraan, they are not able to trace him. After some further investigation they comes to know that real name of Gufraan is Yaqub Sheikh who is a married man and having two kids also. He left his home 4 years back and became a Tantrik.

सुमित एक होनहार बच्चा है। उसके माँ बाप का नाम सुनीता और सुरेन्द्र है जो की दिहाड़ी मजदूर हैं। एक दिन अचानक सुमित सुबह स्कूल जाते समय गायब हो जाता है। उसके माँ-बाप उसके स्कूल जाकर पता करते हैं तो पता चलता है की सुमित आज स्कूल आया ही नहीं था। परेशान माँ-बाप पुलिस के पास जाकर उसकी मिसिंग कम्प्लेन लिखाते हैं। अगले दिन पुलिस को सुमित की लाश एक जंगल में मिलती है। लाश निर्वस्त्र है और उसके सारे कपडे गायब हैं। मारने वाले ने सुमित की शरीर से उसके अंग भी निकाल लिए हैं। पुलिस ये सब देख कर हैरत है और उनको शक है की ये एक ऑर्गन-ट्रेडिंग का केस है।

पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट बताती है की ये ऑर्गन ट्रेडिंग का नहीं बल्कि कुछ और ही केस है क्यों की जिस तरह से बच्चे के अंग निकाले गए हैं वो किसी ऑर्गन ट्रैफिकिंग गैंग का काम नह्नि लगता। एक तथ्य ये भी है की अगर अंग प्रत्यारोपण होना ही होता तो इतने सारे अंग नह्नि निकाले गए होते।

पुलिस को अब शक है की ये नर बलि और काला जादू का केस हो सकता है। पुलिस का एक खबरी पुलिस को ये बताता है की सुमित के अंतिमसंस्कार के बाद सुरेन्द्र एक तांत्रिक के पास गया था मगर उस तांत्रिक का घर बंद था। पुलिस जब सुरेन्द्र से तांत्रिक बाबा के बारे  पूछती है तो बताता है की तांत्रिक बाबा गुफरान ने उसकी कई समस्याएं हल करी है और तो सुमित को भी बहुत प्यार करते थे। सुरेन्द्र ये भी बताता है की पुलिस में सुमित के गुम होने की खबर देने के बाद वो गुफरान बाबा के पास गया था और बाबा ने उसको बहुत डांटा था और बोला था की अगर पुलिस पर भरोसा है तो बाबा की क्या ज़रुरत है।

पुलिस जब गुफरान बाबा को ढूंढना शुरू करती है तो वो नहीं मिलता है। तहकीकात बढ़ाने पर पता चलता है की बाबा का असली नाम याकूब शैख़ है, वो 2 लड़कों का बाप है जो की उसकी बीवी के साथ रहते हैं। चार साल पहले उसने घर छोड़ दिया था और तांत्रिक विद्या सीख के एक गाँव रहने चला गया था था।

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