Wednesday, May 6, 2015

Apmaan: Myterious murder case took two years to solve (Episode 502, 503 on 2nd, 3rd May 2015)

Dishonor
अपमान



Surendra is the main earner in the family of five people. He lives with his wife Navneet, brother Manpreet and mother and father. They looks to be a happy family. An evening when he is coming back to his home with his friend Kuljeet, three men on bikes stop them ans suddenly throws powder of red chillies on them. After that one of those men attacks Surinder with a iron rod. They loots them and flees.

Surendra is bleeding badly. Kuljeet calls Manpreet and somehow they manages to bring Surendra to hospital. Surendra is critical and dies after few days. According to police Kuljeet is the prime suspect because he was with Surendra at the time of attack but robbers did not attacked on him. Police tries hard to find the clue but they do not get any lead.

Police puts their stolen mobile phone on surveillance and one of the mobile phone gets activated after to years. Police arrests the man who is using that mobile and he tells polcie that he recently bought this mobile from someone else.

​सुरेन्द्र और मनप्रीत भाई है जिनमे सुरेन्द्र बड़ा है और पूरा परिवार वही संभालता है. सुरेन्द्र शादीशुदा है और उसकी पत्नी का नाम नवनीत है. इन तीनो के अलावा सुरेन्द्र के माँ-बाप भी उनके साथ ही रहते हैं. पांच लोगों का ये परिवार हसी ख़ुशी रह रहा है. सुरेन्द्र अपने दोस्त कुलजीत के साथ काम पर आता जाता है. एक शाम को काम से लौटते समय तीन लोग उन्दोनो को रास्ते में रोकते हैं. रोकते ही वो लोग लाल मिर्च का पाउडर इनदोनो पर डालते हैं उसके बाद इनमे से एक आदमी सुरेन्द्र पर लोहे की सरिया से वार करता है. वो तीनो लोग सुरेन्द्र और कुलजीत का पर्स और मोबाइल ले जाते हैं और दोनों को वहीँ छोड़ देते हैं.

सुरेन्द्र लहुलुहान हो चुका है. किसी तरह कुलजीत और मनप्रीत सुरेन्द्र को अस्पताल ले जाते हैं. सुरेन्द्र की हालत गंभीर है. कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद सुरेन्द्र की मौत हो जाती है. पुलिस का पहला शक कुलजीत है जो की सुरेन्द्र के साथ था और हमलावरों ने उसको सही सलामत छोड़ दिया. पुलिस हर कोशिश करती है सबूत इकठ्ठा करने की मगर उनको कोई भी सफलता हाथ नहीं लगती है.

दोनों के छीने गए मोबाइल सर्विलांस पे डाल दिया जाता है जो की एक्टिवटे होता है दो साल बाद. पुलिस उस आदमी को पकडती है जो ये मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है. पूछताछ करने पर पता चलता है की उसने ये मोबाइल किसी और से ख़रीदा है.

SonyLiv
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-2nd-may-2015-pratishtha-part-2-1
Part 2: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-3rd-may-2015-apmaan-1

YouTube
Part 1: https://youtu.be/K9PtLaRYKMI
Part 2: https://youtu.be/vMLG3UXVA2g


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