Saturday, February 4, 2017

Case 9/2017: Sridhar Ranga's accidental death turns to murder case (Episode 763 on 4th February, 2017)

2017 का नौवां केस
Case 9/2017

Deadbody of a young boy is found near railway track. Postmortem report reveals that deceased was drunk when he fell from train. Aadhaar card found in his pocket reveals his identity that his name is Sridhar Ranga. Police gets other records of the Aadhaar card and finds his brother-in-law's name is Arvind Modiraj. They calls Modiraj and his wife Geeta and asks them to identify the body. Couple is shocked to know that Sridhar is dead. They also tells police that it is not possible because Sridhar never used to drink.

Further story focused on period of Demonetisation when police gets information from one of their informer about a burglary plan where two men about to burglar a jewellery shop. Police puts their fielding there and arrests them on spot. During interrogation they tells police that they are not a professional thief and this was their first chance in which they failed. They also tells police that due of demonetisation they are passing through tough time so they planned this loot and they wanted to become like Ganga who was a auto driver few months back but suddenly in few months he became a wealthy person having his own vehicle.

Police also does not find anything on arrested men's history and now they are assured that it was their first try in which they failed but now their target is Ganga that how a small auto driver became a wealthy person.
पुलिस को रेलवे ट्रैक के किनारे एक यूवक की लाश मिलती है। पोस्टमॉर्टेम से पता चलता है की मरने वाला शराब के नशे में था जब तो ट्रैन से गिरा होगा। लाश की जेब से आधार कार्ड मिलता है जिसमे उसका नाम श्रीधर रंगा लिखा हुआ है। आधार की और जानकारी निकलने पर पता चलता है की ये यूवक अरविन्द मोदीराज नाम के एक व्यक्ति का साला है। पुलिस अरविन्द मोदीराज को फ़ोन करती है और वो अपनी पत्नी गीता मोदीराज के साथ पुलिस स्टेशन पहुचता है। वो लोग लाश की शिनाख्त तो कर लेते हैं मगर ये मानने को तैयार नहीं हैं की श्रीधर शराब के नशे में ट्रैन से गिरा क्योंकि वो कभी शराब पीता ही नहीं था। इस केस को समय बीत जाता है और केस को एक्सीडेंटल केस मान कर बंद कर दिया जाता है।

कहानी नोटबंदी के समय में पहुचती है। पुलिस का एक खबरी बताता है की उसके एक होटल में दो लोगो को एक चोरी प्लान करते हुए सुना है। ये दो लोग एक ज्वेलरी शॉप में चोरी करने वाले हैं। वो पुलिस को चोरी की जगह और समय भी बताता है। पुलिस उस रात ज्वेलरी शॉप के पास अपना जाल बिछाती है जिसमे ये दोनों आदमी पकडे जाते हैं। सख्त पूछताछ करने पर भी वो लोग यही बताते हैं की उनकी कोई गैंग नहीं है और ये उनका पहला चांस था चोरी का जिसमे वो धरे गए। पुलिस को भी इन दोनों लोगो का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता है जिससे ये तय हो जाता है की इन दोनो का सच में ये पहला चांस था। वो लोग बताते हैं की नोटबंदी की वजह से वो लोग बिलकुल कंगाल हो चुके हैं और वो गंगा नाम के किसी आदमी की तरह अमीर बनना चाहते हैं तभी उन्होंने चोरी प्लान की। वो बताते हैं की गंगा उसका एक जानने वाला ऑटो ड्राइवर था जिसके पास जाने कहाँ से अचानक बहुत सारा रूपया आगया और अब सेठ की तरह रहता है। अब पुलिस गंगा के बारे में जानकारी हासिल करना शुरू करती है की ये गंगा कौन है और वो अचानक अमीर कैसे हो गया।

SonyLiv:
Case9/2017

YouTube:
https://www.youtube.com/watch?v=yptktmEGiRc

Thanks to Nitin for providing online source of the story. Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2017/02/crime-patrol-accident-turns-out-to-be.html
Search Tags: नोटबंदी, Demonetisation, Rajesh Anna, Ganga, Arvind Modiraj, Geeta Modiraj, Sridhar, HIV, LIC, Insurance, Murder, Train Accident, Insurance, HDFC, ICICI, SBI

1 comment:

  1. What is the real name of the lady cop who acted in this episode?

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