Wednesday, July 5, 2017

Case 43/2017 - Salim Sheikh's Last Journey: Agra's businessman Haji Moinuddin aka Muin (Episode 823 on 30th June, 2017)

2017 का तैंतालीसवाँ केस - सलीम शेख़ की आखिरी यात्रा

Case 43/2017 - Salim Sheikh's Last Journey

Salim Sheikh, a wealthy businessman goes missing soon after leaving his house. The evening he was leaving his home, he told his wife that he has his flight to Mumbai but now his phone is switched off and none of the family members is able to trace him. Salim's wife Nisha and son Tanveer files his missing complain at the police station and through Salim Sheikh's passport records they comes to know that he never boarded any flight to Mumbai.

During primary investigation they comes to know that Salim never had any conflict with him who can kidnap him. They also questions his elder brother about his missing once they comes to know that Salim's wife Nisha was having conflicts with her elder sister-in-law.

आगरा, जो की पूरी दुनिया में जाना जाता है अपने सबसे अनमोल ताजमहल की वजह से। वो ताजमहल जो शाहजहां के प्यार की निशानी है। जिसे शाहजहां से अपनी बेगम मुमताजमहल की याद में बनवाया था। आगरा को जानने के लिए ताजमहल के अलावा और भी कई सारी महत्वपूर्ण जगह और कारोबार हैं और इनमे से एक है यहाँ के जूतों का कारोबार। आगरा में जूते बनाने की कई साड़ी फैक्ट्रीज हैं और इनसे जुड़े हज़ारों बिजनेसमैन हैं। इन्ही बिजनेसमैन में से एक करोड़पति बिजनेसमैन थे हाजी मुईनुद्दीन उर्फ़ मुईन जिनकी हत्या पर ये एपिसोड आधरित है। हाजी मुईनुद्दीन की हत्या आज से एक साल पहले १७ मई को हुई थी जिसका 31 मई, 2016 को पुलिस ने खुलासा किया।

ताजगंज से 17 मई से लापता बताए जा रहे जूता कारोबारी हाजी मुईन उम्र 50 की उसी रात हत्या कर दी गई थी। उनका शव सूटकेस में बंद कर 18 की सुबह चार बजे एत्मादपुर के तालाब में फेंका गया था। उनका शव पुलिस को बरामद होने के बाद उनकी फोटो को अख़बार में छपा गया था और उनका फोटो देखकर एत्मादपुर के लोगों ने उनके परिवारीजनों को सूचना दी। इसके बाद शव का फोटो और बरामद कपड़े देखे तो शनाख्त हो गई।
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"अब्बू मुझे और अम्मी को गालियां देते थे, जरा-जरा सी बात पर पीटते थे, आखिर कब तक बर्दाश्त करता, कुछ दिनों से मेरा नाम नहीं लेते थे, मुझे काफिर कहकर बुलाते थे, मुझसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ..."

YouTube:
Part 1: https://www.youtube.com/watch?v=5Btomdq7gUo
Part 2: https://www.youtube.com/watch?v=qA7BFxo6V3I

SonyLiv:
Part 1: Part 1
Part 2: Part 2

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